जागरूकता संवर्धन अभियान एवम् पर्यावरण अनुकूल प्रौध्योगिकि हेतु पारिस्थितिकी, जल संसाधन संरक्षण, स्वच्छता एवम् स्वास्थ्य के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से स्थानीय समुदायों का सशक्तिकरण 2016-17

इंडिया वाटर फाउंडेशन को मेरठ दक्षिण ब्लॉक मे एन. सी. एस. टी. सी., विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा “जागरूकता संवर्धन अभियान एवम् पर्यावरण अनुकूल प्रौध्योगिकि हेतु पारिस्थितिकी, जल संसाधन संरक्षण, स्वच्छता एवम् स्वास्थ्य के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से स्थानीय समुदायों का सशक्तिकरण 2016-17” परियोजना मिली है I जिसके अंतर्गत मेरठ दक्षिण ब्लॉक के निम्न गाँव गगोल, फफूंडा, चनसारा, नरहड़ा, मोहीउद्दीनपुर, भुडबराल, गुमी जुर्रानपुर, जुर्रानपुर, महरौली, उपलैहडा, खेड़ाबलरामपुर, बाजोट और जdsc_7402लालपुर शामिल हैं l

इस कार्यक्रम के अंतर्गत २६ अक्टूबर २०१६ को पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मोहीउद्दीनपुर, दिल्ली रोड, मेरठ, उत्तर प्रदेश मे एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, कार्यशाला के प्रथम चरण में जल की गुणवत्ता जांच हेतु दक्षिण ब्लॉक मेरठ के निम्न गाँवो मोहीउद्दीनपुर, भुडबराल, महरौली, उपलैहडा के विभिन्न जल स्रोतों एवम जल संसाधन जैसे नलकूप, पानी की टंकी, ट्यूबवेल आदि से विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्थानीय निवासियों की मदद से पीने योग्य जल के नमूने एकत्रित किये, एकत्रित जल के नमूनों कि जांच के पश्च्यात जल के मानकों कि पूरी जानकारी गांव के लोगों को प्रदान कि जाएगी l नई तकनीकों से जल प्रणाली को और बेहतर बनाने की बढ़ती हुई समस्याओं जैसे की स्वच्छता, स्वास्थ्य, सुरक्षित जल की कमी एवम् भूजल दोहन आदि के बारे मे जानकारी दी l द्वितीय चरण में  छात्रों एवम ग्रामवासियों  के लिए नुक्कड़ नाटक, चलचित्र प्रदर्शन का आयोजन किया गया नुक्कड़ नाटक और चलचित्र का मूल उद्देश्य स्वछता, जल संवर्धन, जल दोहन से बचाव के उपाय आदि के बारे में लोगों को अवगत करना था  एवम तृतीय चरण के अन्तर्गत हितधारकों द्वारा संवाद एवम विचार गोष्ठी पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि माननीय श्री रविन्द्र कुमार भड़ाना जी विधायक दक्षिण ब्लॉक मेरठ ने जल संसाधनों के संवर्धन पर ज़ोर देते हुए कहा की इसकी शुरुआत हर व्यक्ति एवम् स्तर पर की जानी चाहिए क्यूंकी यही छोटे कदम एक बड़े बदलाव का कारण बनते हैं I धरती पर पानी की कमी. है  हमें पानी की बचत करनी चाहिए  । पानी का प्रयोग लापरवाही से नहीं करना चाहिए । बढ़ती आबादी के कारण पानी का प्रयोग भी अधिक होने लगा है । साथ ही साथ उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता अभियान का भी जिक्र किया और इंडिया वाटर फाउंडेशन द्वारा किये जा रहे कार्यों की काफी प्रसंसा की और लोगों को इस कार्य में पूर्ण सहयोग की भी अपील की जिससे की लोगों को स्वच्छ जल और स्वच्छ परिवेश मिलसके l उन्होंने मेरठ में फैले हुए डेंगू और चिकनगुनिया का भी जिक्र किया और बताया की अपने आस पास स्वच्छता रखने से ही इन बिमारियों से बचा जा सकता है l दिवाली की शुभकामनायें देते हुए विधायक महोदय ने सभी ग्रामवासियों से अपील की कि वे दिवाली पर पटाखों का कम से कम इस्तेमाल करें ताकि वातावरण को और प्रदूषित होने से बचाया जा सके l

इंडिया वॉटर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉक्टर अरविंद कुमार ने अपना अनुभव मौजूद अतिथि, क्षेत्र भर के गाँवो से आए हुए प्रतिनिधिगण, स्कूलों से आए अध्यापकों एवम् बच्चों से साझा किया, उन्होने कहा की इस क्षेत्र मे बढ़ते हुए प्रकोपों जैसे डेंगू मलेरिया इस बात का सूचक है की जल एवम्  स्वच्छता  जैसे मुद्दों की अनदेखी मानव हित मे नही है l आज जल और वायु दोनों पर संकट के काले बादल आच्छादित हैं तो समझना चाहिए कहीं न कहीं हमने मूलभूत भूलें की हैं । जल के अनेक उपयोगों में सबसे महत्वपूर्ण है पेयजलdsc_7335 । घरेलू उपयोग का जल भी पेयजल जैसी शुद्‌धता का होना आवश्यक माना गया है । मगर पेयजल की प्रति व्यक्ति उपलब्धता हमारे देश में दिनोंदिन घटती जा रही है । जल के भूमिगत स्त्रोतों के स्तर में ट्‌यूबवेलों की बढ़ती संख्या तथा जल संग्रहण की ठीक प्रणाली न होने के कारण स्थाई गिरावट दर्ज की गई है । पहले लोग नदियों का जल बेधड़क पी लिया करते थे परंतु आज स्थितियाँ पूरी तरह बदल गई हैं । यदि हम आज जल सेवन करेंगे तभी हमारा भविष्य सुरक्षित हो पाएगा । वर्तमान मैं पानी की बचत करके हम अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं । जल ही जीवन है और स्वच्छता जीवन शैली है l चूँकि जल, स्वच्छता एवम पर्यावरण हमारे जीवन के हर पहलु से जुड़े हुए है अतैव किसी प्रकार की लापरवाही व्यक्ति के जीवन में स्वस्थ्य से सम्बंधित विमारियां एवम जल से सम्बंधित अनेको अनेक समस्याओं को खुला आमंत्रण है उन्होंने बताया कि यदि हर गांव का दस व्यक्ति भी इस कार्य में सहयोग करता है तो हम समाज से इन समस्याओं को दूर कर देंगे, इसके अतिरिक्त सरकार और समाज यदि मिल कर इन कार्यों को करेंगे तो जल्द ही उपरोक्त सभी समस्याओं से निजात पा सकेंगे l

dsc_7337विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों श्रीमती मधुबाला प्रधानाध्यापक पु. मा. वि. मोहिउद्दीनपुर, श्री ऋषिपाल सिंह प्रधानाध्यापक पु. मा. वि. महरौली, श्री मदनलाल पु. मा. वि. भूड़बराल  विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों का भी इस कार्यशाला को सफल बनाने में काफी योगदान रहा, कार्यशाला में विभिन्न गांवों के प्रधानों ने प्रतिभाग किया,  श्री रमन सिंह प्रधान नरहड़ा, श्री गुफ्रान जी प्रधान भूड़बराल, श्री गंगाराम प्रधान महरौली आदि  कार्यशाला में मौजूद रहे, ग्राम के युवाओं  ने भी इंडिया वाटर फाउंडेशन का वालंटियर बनकर हर प्रकार से अपना पूर्ण सहयोग किया l  सभी विशेषज्ञों ने अपना अनुभव एवम् जानकारी मौजूद प्रतिभागियों से शेयर की, क्षेत्र के  विभिन्न गाँव से आए हुए प्रतिनिधियों ने कार्यशाला के दौरान हुए क्रियाकलापों, जानकारियों को सराहा और कहा की भविष्य मे भी इस तरह की मूलभूत मुद्दों पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित होती रहनी चाहिए l कार्यशाला मे स्कूली छात्रो, अध्यापकों, ग्रमप्रधानों द्वारा नियुक्त ग्रामवासी, मीडीया व गैर सरकारी संस्थानों को मिलकर लगभग 450 से 550 लोगों ने भाग लिया l कार्यशाला में लोगों को शपथ ग्रहण भी करवाया गया l

By Shweta Tyagi
Associate Editor

Focus Global Reporter

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